B2CONNECT में नया: मार्जिन अकाउंट के लिए ज़्यादा करेंसी और ऑर्डर का साफ़ अट्रिब्यूशन
B2CONNECT की सितंबर रिलीज़ मार्जिन अकाउंट कॉन्फ़िगर करने के नए विकल्प लाती है और ट्रेडिंग चेन में अकाउंट अट्रिब्यूशन बनाए रखती है। इसमें AMS प्रोफाइल का सपोर्ट भी बढ़ता है और ऑर्डर रिकवरी तथा टर्नओवर रिपोर्टिंग की विशिष्ट समस्याएं ठीक होती हैं।
सपोर्टेड फिएट और क्रिप्टो एसेट में मार्जिन अकाउंट
ब्रोकर्स अब USD के अलावा किसी और मेन एसेट में मार्जिन अकाउंट बना सकते हैं और उसे अपने हब पर चालू एसेट में से चुन सकते हैं।
सपोर्टेड विकल्पों में EUR, GBP, JPY, CHF, AUD और CAD जैसी फिएट करेंसी शामिल हैं, साथ ही BTC, ETH, USDT और BNB जैसे क्रिप्टो एसेट भी।
चुनने के बाद मेन एसेट अकाउंट के बैलेंस, इक्विटी, मार्जिन, फ्री मार्जिन और रियलाइज़्ड तथा अनरियलाइज़्ड P&L की डिनॉमिनेशन बन जाता है। इन कैलकुलेशन के लिए इंस्ट्रूमेंट की कीमतें अपने आप कन्वर्ट होती हैं।
जिन ब्रोकर्स के क्लाइंट यूरो या क्रिप्टो में फंड रखते और सेटल करते हैं, वे अकाउंट के आंकड़े क्लाइंट की पसंदीदा एसेट में दिखा सकते हैं।
मेन एसेट अकाउंट बनाते समय चुना जाता है। USD डिफ़ॉल्ट रहता है और मौजूदा अकाउंट पर कोई असर नहीं पड़ता।
अकाउंट के मेन एसेट में फंडिंग
डिपॉज़िट और विथड्रॉ अकाउंट के चुने हुए मेन एसेट में होते हैं। उदाहरण के लिए, EUR में डिनॉमिनेटेड अकाउंट EUR में ही फंड और विथड्रॉ होता है, ताकि फंडिंग बैलेंस, इक्विटी और P&L की कैलकुलेशन से मेल खाए।
जो विथड्रॉ रिक्वेस्ट उपलब्ध बैलेंस से ज़्यादा होती है, उसे फ़्लैग किया जाता है, ताकि मांगी गई रकम के लिए अपर्याप्त फंड दिखें।
ट्रेडिंग चेन में अकाउंट अट्रिब्यूशन
जब कोई प्लैटफ़ॉर्म ऑर्डर B2CONNECT के ज़रिए रूट करता है, तो लिक्विडिटी प्रोवाइडर अब उन ऑर्डर के पीछे के अकाउंट अलग-अलग पहचान सकता है।
B2CONNECT FIX Account फ़ील्ड (Tag 1) आगे भेजता है, और जहां ये चालू हों वहां SenderSubID (Tag 50) तथा OnBehalfOfCompID (Tag 115) भी। ये आइडेंटिफ़ायर ऑर्डर के साथ लिक्विडिटी प्रोवाइडर तक जाते हैं और एक्ज़ीक्यूशन रिपोर्ट पर वापस आते हैं।
जब B2CONNECT टेकर प्लैटफ़ॉर्म और उसके लिक्विडिटी प्रोवाइडर के बीच होता है, तब हर अकाउंट का अट्रिब्यूशन बना रहता है।
AMS प्रोफाइल में इंस्ट्रूमेंट का व्यापक सपोर्ट
स्वैप प्रोफाइल अब सिर्फ़ CFD तक सीमित नहीं हैं: अब वे किसी भी एसेट क्लास के इंस्ट्रूमेंट सपोर्ट करते हैं।
AMS प्रोफाइल उन इंस्ट्रूमेंट को भी लेते हैं जिनका बेस और कोट एसेट एक ही हो, इसलिए ब्रोकर्स अपनी कॉन्फ़िगरेशन में ज़्यादा इंस्ट्रूमेंट शामिल कर सकते हैं।
ऑर्डर रिकवरी और रिपोर्टिंग के सुधार
यह रिलीज़ एक दुर्लभ केस ठीक करती है, जिसमें लिक्विडिटी प्रोवाइडर के ऑर्डर-अपडेट स्ट्रीम बंद करने के बाद भरा हुआ ऑर्डर एक्सपायर्ड दिख सकता था। B2CONNECT अब तुरंत दोबारा कनेक्ट होता है और ऑर्डर रिकवरी असल नतीजा रिपोर्ट करती है।
टर्नओवर रिपोर्ट के सुधार कॉन्फ़िगर किए Slack चैनल और ईमेल प्राप्तकर्ताओं तक नोटिफ़िकेशन पहुंचाने तथा हर रिपोर्ट पर दिखने वाली रिपोर्टिंग अवधि को भी कवर करते हैं।
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